Friday, May 6, 2016

बोकारो - St. Xavier's School

St. Xavier's स्कूल बोकारो नाम जब जब आया ,
गर्वित हुआ मन , हर्षोल्लास  भर आया ,
चलते चलते आ गए एक पड़ाव पर,
हो गए स्कूल के 'पचास' साल जब,
बाँधा है मैंने बीते समय को
लफ्ज़ो में कुछ, याद करके बचपन के  पलों को।

 St. Xavier's स्कूल जब बना था
बोकारो शहर भी नया था,
सभी माता -पिता का सपना था ,
इसी स्कूल में एडमिशन कराना था।

गुज़रे २५ साल में मैंने ,
जब जब अपने स्कूल का नाम लिया ,
जिसने सुना,जिसने जाना,
आदर सहित एक सम्मान दिया।

प्रेप से लेकर बारवीं तक ,
हर एक टीचर याद है अब तक ,
सबने ऐसा आत्मविश्वास जगाया ,
ज़िन्दगी जीने में वही, हर मोड़ पर काम है आया।

आज फेसबुक पर, हम सहपाठी सब मित्र है ,
व्हाट्सप्प पर भी हम एक ग्रुप है
स्कूल का सफर सबने जो साथ तय किया
सफलता की शिखर पर आज , मिलकर celebrate किया। 

हम सब बच्चे थे, कुछ टीचर से बहुत डरते थे,
Sisters' and Fathers' या फिर Sir and Miss,
अनुशासन कुछ ज़्यादा था , ऐसा पता चला
जब हमारी शीलता को दुनिया ने  चुनौती दिया।

स्कूल का चित्र ऐसे उभर कर है आता ,
झूले, पेड़ , field, classes, library,
labs, cycle stand, dosa stall, assembly,
Principal office, fees counter,prizes,
बहुत कुछ याद , बहुत कुछ नहीं भी याद


बदमाश बच्चे भी कुछ याद है
पिकनिक पर गए , कुएं में कभी,कभी क्लास की
 खिड़की से बाहर भी कोई कूद गया
डांट पड़ती थी, लेकिन शांत बच्चों में  मेरी गिनती थी।

आज अपने स्कूल के हर टीचर को मेरा नमन है
धन्यवाद दिल से मेरा , साथ अपने  माता पिता और भाई को ,
मित्र सभी हम सब आज साथ है ,
सबके मन में एक ही एहसास है  ,
ऐसा स्कूल मिला हमे जो , बोकारो शहर का गौरव जो। .

जैसे हम अनगिनत गिनती गिनते है
पल स्कूल के वैसे हैं
आज भी सपने में Exams हम देते है ,
उम्र मैंने भी जब तय की ,करीब पचास ,
याद करके , गर्व से हम कहते है,

"I am from St. Xavier's Bokaro steel city"
(1974 -1987 ) in school

















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