छोटे भाई के लिए-
मुझे रोना आ जाता है
जब छोटा भैया कहता है
" दीदी मुझे बहुत मारती है,
हर वक़्त बात बात पर डांट ती है"
इन शब्दों से मेरा गुस्सा इतना पिघल जाता है
कि मुझे रोना आ जाता है
पता नहीं क्यों ,यही उपाय मिला है
छोटो को मना करने का
बड़े बनकर मानो निभाते है
इसी प्रकार फ़र्ज़ अपना
क्या मैं उसे प्यार से नहीं समझा सकती?
अपना गुस्सा अपनी खीझ ,संभाल नहीं सकती?
बेहतर यही है की अपना गुस्सा
अपने पर ही उतारकर
उस भैया को दुलार नहीं सकती?
मुझे रोना आ जाता है
जब छोटा भैया कहता है
" दीदी मुझे बहुत मारती है,
हर वक़्त बात बात पर डांट ती है"
इन शब्दों से मेरा गुस्सा इतना पिघल जाता है
कि मुझे रोना आ जाता है
पता नहीं क्यों ,यही उपाय मिला है
छोटो को मना करने का
बड़े बनकर मानो निभाते है
इसी प्रकार फ़र्ज़ अपना
क्या मैं उसे प्यार से नहीं समझा सकती?
अपना गुस्सा अपनी खीझ ,संभाल नहीं सकती?
बेहतर यही है की अपना गुस्सा
अपने पर ही उतारकर
उस भैया को दुलार नहीं सकती?
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